थनैला रोग का देसी इलाज कैसे करें?
यहां जानें
दुधारू पशुओं में होने वाला थनैला रोग आम है।
थनैला रोग के कारण पशुओं के थनों से मवाद निकलना प्रारंभ हो जाता है।
थनैला की वजह से गायों के थनों में गांठ पड़ जाती है। थन में सूजन और कड़ापन आ जाता है तथा दर्द होता है।
दूध उत्पादन में कमी हो जाती है। साथ ही इससे संक्रमित पशु का दूध इस्तेमाल के लायक नहीं रह जाता है।
तो आइए, जानें
थनैला रोग से बचाव कैसे करें।
थनैला रोग से बचाव के लिए थनों को 2-3 सप्ताह में साफ करके नीम तेल लगाते रहें।
नीम के फलों को सरसों के तेल में उबालकर नीम तेल बना सकते हैं।
नीम तेल मेडिकल से आसानी से खरीद सकते हैं।
20-25 ग्राम काली मिर्च, गुड़ में मिलाकर सुबह-शाम दें।
थनैला रोग होने पर पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
(नोट- इस उपचार का कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है। यह गांव में काफी प्रचलित है।)
ये वेबस्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।
धन्यवाद
क्लिक करें